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Showing posts from November 6, 2011

Interpreting Love

This is my creation ... way back in 2007 ... was written for a competition ... does not have the finnese of poetry but was something I felt from heart and wrote!



INTERPRETING LOVE

A divine creation, a beautiful expression,
Love is an array of emotions.

A feeling that brings souls together,
Love binds relations forever.
Friendship to some, to some it is life,
Love is an essence to survive.

Faith, sacrifice, responsibility interwoven,
Love is enchanting like Heaven.
True is the virtue, though very rare,
Love personifies warmth and care.

Love is like the sun, shining so bright,
Leaving some room for small fights.
Love is like the wind - strong and growing,
Seems like a river, forever flowing.

Love is like a song, brimming with melody,
Solves all problems, comes in handy.
Spreading its wings, love isn’t bound,
Varying in form – love is all around.

So, surrender yourself to the charms of love,
Life is indeed magical in the arms of love.







तू शहर नहीं, एहसास है!

हमें हो जाता है इंसानों से प्यार और लगाव,
लेकिन क्या किसी जगह से हो जाता है प्यार?
शायद मुझे हुआ है एक शहर से प्यार,
मुझे लगता नहीं वो शहर है, वो है एक एहसास!

जन्म-भूमि तो नहीं वो मेरी,
कर्म-भूमि है ज़रूर,
रिश्ता खून का तो नहीं है लेकिन,
दिल का नाता है मज़बूत!

छोटा सा यह शहर है मेरा,
नहीं है इसमें बड़ी नगरी का जादू
फिर भी कुछ तो बात है की
यहाँ रहकर नहीं है दिल पे काबू.

इसकी गलियों को, सड़कों को सिर्फ देखा नहीं,
महसूस किया है मैंने,
कोई कैसे कहेगा यह मेरा नहीं!
इस तरह जिया है इसे मैंने!

अपना जीवन यहाँ बिताया है मैंने,
अपना बचपन यहाँ मनाया है मैंने,
ज्ञान सारा यहीं से पाया
दोस्त सभी यहीं बनाये मैंने.

लिया है इसने अपनी बाँहों में मुझे
स्वीकारा  है इसने पूरी शिद्दत से मुझे,
है जो मेरे पास, सभी इसका दिया हुआ
कभी न छोड़ना चाहू, ऐसे यादें दी है इसने!

क्या नाम है इस शहर का?
क्या नाम इसका मेरा घर है?
घर तो है ही सही
मैं कहूँगी ये स्वर्ग से भी बढ़कर है.

बोली यहाँ की है अनोखी,
प्रेम-वाणी सी मिठास है
मुझे नहीं लगता ये सिर्फ शहर है,
मेरे लिए ये एक एहसास है!

मेरी कर्म-भूमि 'वड़ोदरा'/ 'ब…